Friday, December 29, 2017

चौपदी
        1.
जीत गये  तो इवीएम सही , 
हार गये  तो मशीन खराब । 
जनता ने मत तो दिया नहीं ,

ठिकरा किसपर फोड़े जनाब। 
                2. 
मतपत्र का तो करें समर्थन ,
जिसमें त्रुटियों की भरमार ।
हेराफेरी सामान्य बात ,
मतपेटी ले गये सरकार । 
                 3 
निष्पक्ष चुनाव का जुड़े तार,  
ईवीएम  से  जुड़े  आधार । 
सबका अंगूठा अलग -अलग ,
रुक जायेगा  गलत आचार। 
               4 
इवीएम आरोपित हैक का ,
मतपेटी रही कहां सुरक्षित । 
दोनों पर लगाम लगे नहीं ,
हर प्रक्रिया होगी आरोपित । 
               5  
चुनाव में हो तभी सुधार , ई. वी.एम.  से  जुड़े  आधार ,
अंगूठा,अंगुली अलग-अलग,जुड़े कभी नहीं गलत तार । 
इस तरह की हीं प्रक्रिया यहां,निष्पक्ष चुनाव करा सकती,
चुनाव आयोग एवं राजनीतिक दल,इस पर करें विचार ।
                          -  भरत मिश्र प्राची , जयपुर

Thursday, December 28, 2017

je par rahal guman !

भोजपुरी रचना 
जे पे रहल गुमान !
फुलवा  जइसन  देहिया के का हो गईल राम ,
सुखी गईल कांटा जइसन ,जे पे रहल गुमान ।
ना सोचनी कबो अइसन दिन आई जिनगीं में ,
उड़त रहनी ख्वाब में,ना दिहनी बिल्कुल ध्यान ।
अनाप सनाप जे भी मिलल,चुप चाप खा गइनी,
मेहनत न  कइनी , दिहनी  देहिया के आराम ।
जे भी रहल पास में , मौज - मस्ती में उड़वनी,
सोचनी ना हम, बुढ़ापा में  कइसे चली काम ।
सुखवा के दिन में ,जे साथे -साथे घुमत रहल ,
नजर अब आवत नइखन,सब भूल गईले राम।
केकरा के कहीं आपन , केकरा के कहीं गैर ,
जे भी आइल पास में हमरा ,लुटत गइल राम।
जवानी के जोश में ,सबकुछ भूलत गइनी हम ,
आगे -पीछे का होइ  , ना सोचनी कबो  राम ।
फुलवा  जइसन  देहिया के का हो गईल राम ,
सुखी गईल कांटा जइसन ,जे पे रहल गुमान ।

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